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Wednesday, January 31, 2018

"रचना ऐसा गीत" (चर्चा अंक-2865)

मित्रों!
बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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सृजन 

Purushottam kumar Sinha  
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चंद्र ग्रहण 2018 

power पर Anjana kumar  
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समर्थक 

ये जो कट्टर समर्थक हैं पक्ष और विपक्ष के 
जो उतारू हैं मरने - मारने पर 
लड़ने वाले उन दो मेंडों की तरह हैं 
जिनमें से जीतने वाला देवता को चढे़गा 
और हारने वाले की दावत पूरा गाँव खायेगा 
प्रवेश कुमार सिंह  
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अपने घर का दर्शन... 

आनन्द वर्धन ओझा  
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Tuesday, January 30, 2018

"है सूरज भयभीत" (चर्चा अंक-2864)

मित्रों!
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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बजट 

सभी अपनी अपनी हैसियत के हिसाब से बजट बनाते हैं। सरकार और व्यापारी साल भर का, आम आदमी महीने भर का और गरीब आदमी का बजट रोज बनता/बिगड़ता है। सरकारें घाटे का बजट बना कर भी विकास का घोड़ा दौड़ा सकती है लेकिन आम आदमी घाटे का बजट बनाकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाता है। आम आदमी को सीख दी जाती है कि जितनी चादर हो, उतना ही पैर फैलाओ लेकिन सरकारों को अधिकार होता है कि मनमर्जी पैर फैलाओ... 
बेचैन आत्मा पर देवेन्द्र पाण्डेय  
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नक़ाब 

प्यार पर Rewa tibrewal  
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तूने जिंदा कवि को मार दिया 

हाँ, कविताओं को मैं पढ़ता हूँ
और कविता भी मैं लिखता हूँ
कवि की चाह, पढें सब कविता
डरता हूँ, कविता पढे न कविता... 
pragyan-vigyan पर 
Dr.J.P.Tiwari  
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२-क्षणिकाएं 

Akanksha पर Asha Saxena  
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किताबों की दुनिया -162 

नीरज पर नीरज गोस्वामी  
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Monday, January 29, 2018

"नवपल्लव परिधान" (चर्चा अंक-2863)

सुधि पाठकों!
सोमवार की चर्चा में 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

कतरनें 

Akanksha पर Asha Saxena  
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अगर नेशनल हेराल्ड मामले से आप पाक साफ़ छूट जाते हैं और २०१९ में कोई कमाल कर दिखाते हैं तो ज़रूर आपको गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन स्थल राजपथ पर सबसे आगे की पंक्ति में बिठाने में हमें भी ख़ुशी होगी अभी तो आपके दल को पूर्व राष्ट्रपति भी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का केन्द्रक बतला रहे हैं 'चार उचक्के चालीस चोर कुल 'मिलाकर ४४ सांसद आपके दल का खाता है । जिसकी कोख से पूर्व में प्रसूत जनेऊ (जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय )पनप रहें हैं जो कन्हैया तत्व की पीठ थपथपा रहें हैं। नामशेष हो गए रक्तरंगियों के साथ दुरभि संधि करके वर्तंमान मुख्यन्यायाधीश पर महाभियोग लगाने का दिवास्वप्न देख रहे हैं ये जानते हुए के मुंह की खायेंगे -लेकिन आज ये लोग गु खाकर भी देश तोड़ने को तैयार हैं इनके पाले हुए कई आचार्य छात्रों को छद्म तरीके से बीफ(गौ मांस ) भरे हुए सैनविच परोसवा रहें हैं।


"अक्षर बड़े अनूप" (चर्चा अंक-2981)

मित्रों!  शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -...