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Friday, October 13, 2017

"कागज़ की नाव" (चर्चा अंक 2756)

मित्रों!
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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चर्चा मंच पर प्रतिदिन अद्यतन लिंकों की चर्चा होती है।
आश्चर्य तो तब होता है जब वो लोग भी चर्चा मंच पर 
अपनी उपस्थिति का आभास नहीं कराते है, 
जिनके लिंक हम लोग परिश्रम के साथ मंच पर लगाते हैं।
अतः आज के बाद ऐसे धुरन्धर लोगों के ब्लॉग का लिंक 
चर्चा मंच पर नहीं लगाया जायेगा।
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वो सागर हो जाती है 

अनुशील पर अनुपमा पाठक 
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आसमाँ में चाँद ढाला कौन है 

आसमाँ में चाँद ढाला कौन है 
राह में दीपक जलाया कौन है... 
मधुर गुंजन पर ऋता शेखर 'मधु' 

ग़ज़ल 

सटीक बात की’, आक्षेप बाँधनू क्या है  
ये’ बातचीत में’ खरसान बैर बू क्या है... 
कालीपद "प्रसाद" 
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इट विल नेवर चेंज 

लगभग १५ साल बाद अचानक फोन पर एक चिरपरिचित आवाज सुनाई दी। आवाज जिसे किसे परिचय की जरूरत हो ही नही सकती थी। सुगन्धा, मेरी क्लास मेट, शायद मेरे लिये उसका ये पूर्ण परिचय नही, किन्तु १५ साल पहले बाकी सारे परिचय न चाहते हुये भी मिटा दिये थे। क्या सच में कुछ मिटाया जा सकता है या हम मिटाने की कल्पना को सच बनाने का जीवन पर्यन्त प्रयास करते हैं। खैर जो भी था, आवाज सुनते ही बहुत सारे प्रश्न मन में तूफान की तरह उमडने लगे, आवाज सुन कर एक पल को जितनी खुशी हुई उससे कही ज्यादा भय ने मन को घेर लिया... 
डॉ. अपर्णा त्रिपाठी 
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कागज़ की नाव 

ये इत्ता बड़ा कागज़ 
कित्ती बड़ी नाव बनेगी न पापा, 
अम्मा, भईया, दीदी पूरा का 
पूरा कुनबा बैठ जाएगा 
फिर हम सात समंदर पार चलेंगे ... 
रहने नहीं रे बाबा घूमने चलेंगे... 
मेरी भावनायें...पर रश्मि प्रभा...  
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7 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  2. सुंदर प्रस्तुति।।।

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  3. सुन्दर प्रस्तुति। आभार आदरणीय 'उलूक' के पन्ने को चर्चा में शामिल करने के लिये।

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  4. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

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  5. नमस्‍कार शास्‍त्री जी, आपका चेतावनी संदेश अच्‍छा लगा, चर्चामंच पर सदैव ही उत्‍कृष्‍ट ब्‍लॉग्‍स का अद्भुत संकलन देखा है, हमें अच्‍छी सामिग्री एक ही जगह उपलब्‍ध कराने के लिए धन्‍यवाद । मेरे ब्‍लॉग को भी इस संकलन में स्‍थान देने के लिए आपका बहुत बहुत आभार।

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  6. Thank you sir meri rachna ko apni charcha mein shamil karne ke liye.. Maine aapka comment aaj hi dekha.. N sorry for late response

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