फ़ॉलोअर



यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, मई 22, 2015

"उम्र के विभाजन और तुम्हारी कुंठित सोच" {चर्चा - 1983}

मित्रों।
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
--
--
--

पैसा दे या प्रेम दे 

पैसा दे या प्रेम दे, जितना जिसके पास। 
इक तोड़े विशवास को, इक जोड़े विश्वास।। 
रिश्ते हों या दूध फिर, तब होते बेकार। 
गर्माहट तो चाहिए, समय समय पर यार... 
मनोरमा पर श्यामल सुमन 
--

"लीची के गुच्छे मन भाए" 

IMG_1177
हरीलाल और पीली-पीली!
लीची होती बहुत रसीली!!
गायब बाजारों से केले।
सजे हुए लीची के ठेले... 
--
--

कभी तो दिल की महफ़िल में 

सलाम-ए-इश्क फरमाइए 

हमें ईजाद करना है कलाम-ए-इश्क चले आइये | . 
तुझे बस देखकर लफ्ज़ी तलाफुज़ भूल जाता हूँ , 
अहसासों की शहादत हो रही अब तो चले आइये... 
Harash Mahajan 
--

घुटता हुआ समय 

अभी अभी मैं मिल कर आया हूँ 
एक पागल विज्ञानिक से 
जो देश के एक प्रयोगशाला में 
बनाता हुआ एक तकनीक चुक गया 
और सात समंदर पार से आकर 
एक बाज छा गया देश पर... 
सरोकार पर अरुण चन्द्र रॉय 
--
--

चले हाथ थामे जहाँ ले गया 

ज़मीं से पकड़ आसमां ले गया 
मुक़द्दर कहाँ से कहाँ ले गया .... 
Ocean of Bliss पर Rekha Joshi 
--
--

!!जीवन सार!! 

Lovely life पर Sriram Roy 
--
--
--
--
--

नूर की बूँद 

Sudhinama पर sadhana vaid 
--

रहम कर अक्षरों पर 

उलूक टाइम्स पर सुशील कुमार जोशी 
--

टेढ़ी नज़र पर सीधा चश्मा 

पिछले कई दिनों से एक चश्मे ने 
गुल-गपाड़ा मचा रखा है। 
बात, बात न रह कर बतंगड़ बन गयी है। 
अपने यहां की परिपाटी के अनुसार 
बात चाहे सही हो या गलत उ
स के पक्ष-विपक्ष में लोग खड़े हो कर 
जाने कहां-कहां के दबे मुर्दे उखाड़ने लगते हैं... 
कुछ अलग सा पर गगन शर्मा 
--
--

अच्छे दिन ...! 

आ गये है। 

दूरदर्शन पे पहले दिखाते थे 
कि अच्छे दिन आने वाले है। 
आजकल दिखा रहे है की अच्छे दिन आ गये है। 
अच्छे दिन .....आ गये है। 
उसी चक्कर में कौआ काँव-काँव कर रहा होगा... 
बुलबुला  पर Vikram Pratap singh 
--
--
ढाई आखर में छिपा, जीवन का विज्ञान।
माँगे से मिलता नहीं, कभी प्यार का दान।।
--
प्यार नहीं है वासना, ये तो है उपहार।
दिल से दिल का मिलन ही, होता है आधार।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।