चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Monday, September 09, 2013

हमारी गुज़ारिश :चर्चा मंच 1363

शुभम दोस्तो......



एवं 
गणेश चतुर्थी 
की 
सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ !


चर्चामंच-1363

पर
मैं लाई हूँ 

गणेश वंदना 

नचारी जय गणेश 


दिल मेरा तुझ पर मरता है 

मेरा तेरा बचपन 

अपना अंगना 


झाग के बुलबुले

Soap bubbles man, Bologna, Italy - images by Sunil Deepak, 2013
इन्सान के जीवन 


प्याज देवता 




रुख बदल ही गया 


पौन्ड्रक ,धर्म जंजाल 

कबाड़ीवाला 


आसानी से ट्रांसफर करें 

समंदर 


कभी सोचता हूँ 

पूनम शुक्ला की  कवितायेँ 


बहुत दिया देने वाले ने 



दीजिए इज़ाज़त 

सुनिए एक मधुर गीत

बड़ों को प्रणाम 
छोटो को प्यार 
शुभविदा........

"मयंक का कोना"
प्रेम बुद्धि बल पाय, मूर्ख रविकर क्यूँ माता -
पर मेरी प्रस्तुति 
माता निर्माता निपुण, गुणवंती निष्काम ।
सृजन-कार्य कर्तव्य सम, सदा काम से काम ।

सदा काम से काम, पिंड को रक्त दुग्ध से । 
सींचे सुबहो-शाम, देवता दिखे मुग्ध से । 

देती दोष मिटाय, सकल जग शीश नवाता । 
प्रेम बुद्धि बल पाय,  मूर्ख रविकर क्यूँ माता  ??
 पर्युषण शब्द की परिभाषा व व्याख्या विभिन्न आचार्यों, साधु-साध्वियों ने विभिन्न विभिन्न रुप से की है। पर्युषण शब्द का सन्धि-विच्छेद करते हुए परिउषण। परि का मतलब होता है चारों ओर से, सब तरफ से तथा उषण का अर्थ है दाह। जिस पर्व में कर्मों का दाह।विनाश किया जाये ...

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श्रीगणेश नाम स्मरण

Abhilasha पर नीलिमा शर्मा
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गणेश वन्दना
गणेश वन्दना सुन कर अब पुकार मेरी तुम जल्दी से आ जाओ 
कहाँ छुपे हो ओ मेरे प्रभु दरस अपना दिखा जाओ …...
Ocean of Bliss
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बालकृति 
"हँसता गाता बचपन" से
एक बालकविता
♥ यह है अपना सच्चा भारत ♥
सुन्दर-सुन्दर खेत हमारे।
बाग-बगीचे प्यारे-प्यारे।।
पर्वत की है छटा निराली।
चारों ओर बिछी हरियाली।।
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शब्द सक्रिय हैं पर सुशील कुमार 
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ऎसे ही बैठे बैठे कोई कुछ नहीं कह देता है ऎसे ही बिना सोचे कोई कुछ भी कहीं भी लिख नहीं देता है बाँधने पढ़ते हैं अंदर उबलते हुवे लावों से भरे हुऎ ज्वालामु....
उल्लूक टाईम्स
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शंखनाद पर पूरण खण्डेलवाल
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नभ बदल गया है, सितारे बदल गये
आजाद हिन्दुस्तान के, नारे बदल गये

सोने की चिड़िया, इसलिए कंगाल हो गयी
शासन औ सल्तनत के, इशारे बदल गये..
--


जब रात आसमान उतरा था
झील के उस पार
अपनी थाली में
सजाये अनगिनित तारे
तब ये ख्वाहिश लिए
कि कुछ झिलमिल तारों को ला
टांक दूँ उन्हें
बदन पर तुम्हारे....
उड़न तश्तरी ....

23 comments:

  1. बहुत सुन्दर.. हिंदी लेखक मंच पर आप को सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपके लिए यह हिंदी लेखक मंच तैयार है। हम आपका सह्य दिल से स्वागत करते है। कृपया आप भी पधारें, आपका योगदान हमारे लिए "अमोल" होगा |
    मैं रह गया अकेला ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः003

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  2. बहुत सुंदर ब्लॉग लिंक. सुन्दर प्रस्तुति. आभार!


    कृपया आप सभी मित्र यहाँ भी पधारें, जाग उठा है हिन्दुस्तान ... - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः15

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  3. आत्म को ऊर्ध्वगामी बानाने वाली रचना पर्यूषण पर्व का महात्म्य और राष्ट्रीय महत्व।

    पर्युषण शब्द की परिभाषा व व्याख्या विभिन्न आचार्यों, साधु-साध्वियों ने विभिन्न विभिन्न रुप से की है। पर्युषण शब्द का सन्धि-विच्छेद करते हुए परिउषण। परि का मतलब होता है चारों ओर से, सब तरफ से तथा उषण का अर्थ है दाह। जिस पर्व में कर्मों का दाह।विनाश किया जाये ...
    ॐ ..प्रीतम साक्षात्कार ..ॐ

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  4. ये सारे सेकुलर मोहरे हैं तुष्टिकरण तो एक लास्खन है असल बीमारी इस देश की कथित सेकुलर वाद है।

    तुष्टीकरण का यह खेल कहाँ तक ले जाएगा !!

    शंखनाद पर पूरण खण्डेलवाल

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  5. श्रेष्ठ प्रस्तुति हर मायने में।

    प्रेम बुद्धि बल पाय, मूर्ख रविकर क्यूँ माता -
    "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव"अंक - 35
    पर मेरी प्रस्तुति

    माता निर्माता निपुण, गुणवंती निष्काम ।
    सृजन-कार्य कर्तव्य सम, सदा काम से काम ।

    सदा काम से काम, पिंड को रक्त दुग्ध से ।
    सींचे सुबहो-शाम, देवता दिखे मुग्ध से ।

    देती दोष मिटाय, सकल जग शीश नवाता ।
    प्रेम बुद्धि बल पाय, मूर्ख रविकर क्यूँ माता ??

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  6. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति!
    गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनायें!

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  7. सुप्रभात...। गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ..।
    --
    बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति!

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  8. बहुत सुंदर लिंक्स ,मेरी रचनाओं को शामिल करने के लिए तहे दिल से शुक्रिया ,गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  9. बढ़िया चर्चा -
    सुस्वागतम गुरु जी-
    आप सभी गणेश चतुर्थी की असीम शुभकामनायें-

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  10. बहुत सुन्दर लिनक्स संजोये गये हैं आज की चर्चा में .मेरी पोस्ट को शामिल किये जाने का हार्दिक आभार शास्त्री जी

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  11. बेहतरीन चर्चा आदरणीया सरिता जी हार्दिक आभार आपका.

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  12. गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाईयां !
    सुन्दर चर्चा सूत्र !!
    सादर आभार !!!

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  13. सुंदर सूत्रों का चयन ,,,
    गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाए !

    RECENT POST : समझ में आया बापू .

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  14. सुंदर लिंक्स...व्यवस्थित चर्चा...आभार !!!
    गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाए !

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  15. सरिता जी आप सब को भी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ और चर्चा मँच में मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए धन्यवाद

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  16. सुंदर प्रस्तुति,आप को गणेश चतुर्थी पर मेरी हार्दिक शुभकामनायें ,श्री गणेश भगवान से मेरी प्रार्थना है कि वे आप के सम्पुर्ण दु;खों का नाश करें,और अपनी कृपा सदा आप पर बनाये रहें...

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  17. सुंदर चर्चा !
    मयंक जी का आभार !

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  18. bahut-bahut dhanyawad, bahan sarita ji...vaastav men ek sundar evam shreshth parastuti di hai aapne, kintu main 'brahm-kshatriya' samaj jaisi avadharnaon men vishwas nahin karta aur na hi kisi saampradayik raajneetik vichar men, atah aapse prathana hai ki aisi rachnaon/ vigyapan wale ank men kripaya meri rachna sammilit na karen...

    saadar, saabhar.

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  19. आज के इस चर्चा-मंच में बहुत ओजस्वी रचनाओं के शीर्षक देख कर मन में प्रसन्नता हुई !

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  20. रोचक लिंक्स हैं अभी पूरी नहीं पढ़ पाई है .
    जहाँ सार्वजनिक गूगल प्फ़ारोइल क्रिएट करने का फ़ार्म आ जाता है वहाँ टिप्पणी नहीं हो पाती. नचारी सम्मिलित करने के लिए आभार, सरिता जी !

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  21. रोचक लिनक्स | सुन्दर चर्चा मंच | मेरी रचना को शामिल करने के लिए धन्यवाद् | जय हो | मंगलमय हो |

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  22. अत्यन्त रोचक और पठनीय सूत्र..

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