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Friday, August 24, 2012

अमल अमर-पद अमन मन, "अमर" *अबन बन अक्ष-; चर्चा मंच 981


ड़ा॰ अमर कुमार को पहली पुण्यतिथि पर सादर नमन

 
 
अमल अमर-पद अमन मन, "अमर" *अबन बन अक्ष |
कनक कथन कण समर्पण,  कर  ^कमलज  समकक्ष |

कर  कमलज  समकक्ष, पक्ष कर्मठ कर्तव्यम |
कथन सहज अनवरत, परत लवणम सम द्रव्यम |

अमर सरलतम समझ, रमय हर समय अनन्तर |
उलट पलट कर पत्र,  दरस  सम्यक अभ्यंतर ||

*सूर्य-चंद्रमा का उत्तरायण और दक्षिणायन होते रहना |
^ब्रह्मा
#नमक

लखनऊ के लिए इस रविवार को 'हिंदी ब्‍लॉगर महारेल' रवाना हो रही है

 1

सदा फुदकती रहना गौरैया

चैतन्य शर्मा (Chaitanya Sharma)
चैतन्य का कोना  
गौरैया के स्वर सुने, हृदय प्रफुल्लित होय |
उच्च उच्चतर उच्चतम, प्रेरित  हो सब कोय |
प्रेरित कर सब कोय, सरल सा सीधा जीवन |
रहे स्वयं में मगन, फुदकती द्वारे आँगन |
पड़ी प्रदूषण मार, घटे है सोन चिरैया |
हो दिल्ली चैतन्य, सुरक्षित हो गौरैया ||


  2

प्रतिभा सक्सेना 

3-अ 

Rajesh Kumari
 
 3-ब

  4-अ 

4-ब

शोले - 37 वर्षो का सफर

ѕαηנαу ѕєη ѕαgαя
hindustaan ka dard  

  5

लकीरें हाथों की

udaya veer singh at उन्नयन (UNNAYANA) - 5 hours ago


  6

"आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता "-डॉ .वागीश मेहता ,डी .लिट .,

Virendra Kumar Sharma  

भारत की सत्ता सरल, सही धर्म निरपेक्ष |
पाले पोसे राज-धर्म, जनता के सापेक्ष |
जनता के सापेक्ष, अधर्मी का है स्वागत |
चाहे रविकर पड़े, चुकाना कोई कीमत |
आतंकी का धर्म, नहीं  होता है कोई |
है सच्चा निरपेक्ष, देश का मेहमाँ सोई ||


  7

  8

स्वयं के शोषण के लिये समझौता करने की आदत न डालें say no to compromise habit

Bhagat Singh Panthi
bhagat bhopal



10

खुदा कुआं प्राचीन, आज खोदे हम खाईं-

हवा हवाई हो गई, शुद्ध हवा की बात |
कुदरत नित दिखला रही, मानव को औकात |

मानव को औकात, ताक में मानव रहता |
भोगवाद से ग्रस्त, रहे हर समय बहकता |

खुदा कुआं प्राचीन, आज खोदे हम खाईं |
हुआ खुदा नाराज, हवा भी हवा हवाई ||

  11

विडम्बना

मनोज कुमार 
घास फूस की झोपड़ी, सहे धूप बरसात |
उलझी मानव खोपड़ी, बात बात में वात |
बात बात में वात, कुपित जब हो जाती है |
तरह तरह के रोग, बुद्धि भी भरमाती है |
सच्चे धंधेबाज, सभी धंधों का फंडा |
पुलिस कटोरा लिए, थामता पंडा डंडा ||








18 

DR. ANWER JAMAL 

 19

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) 

20

फेसबुकियो सावधान रहेना क्यु की ( इस पोस्ट को अवश्य पढे )

SACCHAI
AAWAZ  
लग सकती है फेस पर, बुकिये तगड़ी ठेस |
मुद्दा है पहचान का, करो प्रोब्लम फेस |
करो प्रोब्लम फेस , सही परिचय है वांछित |
हो न कोई केस, कभी न होओ लांछित |
हो जाओ गर ब्लाक, प्रमाणिक कॉपी भेजो |
कट जाएगी नाक, इंट्रियाँ सही सहेजो ||

21

घोटाला + हंगामा = ????


45 comments:

  1. रविकर जी, अब तो आपकी चर्चा भी चर्चा का विषय होने लगी है। बधाई स्‍वीकारें।

    ............
    डायन पुराण का विज्ञान!

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर रंग-बिरंगी चर्चा।
    बहन राजेश कुमारी जी टिप्पणी में ही बताएँ कि क्या वो मंगलवार की की चर्चा शैड्यूल करेंगी?
    आभार!

    ReplyDelete
  3. डा॰ अमर कुमार को पहली पुण्यतिथि पर सादर नमन...!

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  4. वाह, टिप्पणियों का काव्यात्मक प्रवाह..

    ReplyDelete
  5. बहुत बढ़िया रहा -पांचाली चुनने का आभार !

    ReplyDelete
  6. गौरैया के स्वर सुने, हृदय प्रफुल्लित होय |
    उच्च उच्चतर उच्चतम, प्रेरित हो सब कोय |
    प्रेरित कर सब कोय, सरल सा सीधा जीवन |
    रहे स्वयं में मगन, फुदकती द्वारे आँगन |
    पड़ी प्रदूषण मार, घटे है सोन चिरैया |
    हो दिल्ली चैतन्य, सुरक्षित हो गौरैया || जी हाँ पक्षी पर्यावरण की नव्ज़ को ,टूटते पारितंत्र को ताड़ वहां से उड़ जातें हैं ,फिर लौट के वह नहीं आतें हैं .....कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    शुक्रवार, 24 अगस्त 2012
    आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता
    "आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता "-डॉ .वागीश मेहता ,डी .लिट .,1218 ,शब्दालोक ,अर्बन एस्टेट ,गुडगाँव -122-001

    आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता

    राजनीतिक लफ्फाज़ फैला रहें हैं भ्रम ,

    कि आतंकवादी का नहीं होता कोई धर्म ,


    अभिप्राय : है यही और यही है संकेत ,

    कि आतंकवादी होता है धर्मनिरपेक्ष .

    धन्य है सरकार ,क्या खूब बहका रही है ,

    आतंकवाद का क्या ,धर्मनिरपेक्षता तो बढ़ा रही है .http://veerubhai1947.blogspot.com/

    ReplyDelete
  7. रविकर की चर्चा सूरज नहीं
    जो रोज एक सी दिखाई जायेगी
    तारों से टाँकता है रोज उसे
    रोज एक नया तारा ले कर आयेगी
    चर्चित ब्लागों पर जनता अगर
    एक बार जाकर हो के आयेगी
    तभी तो उसकी मेहनत
    भी सफल हो पायेगी !!!

    बहुत उम्दा चर्चा लगाई है !

    ReplyDelete
  8. फेसबुकियो सावधान रहेना क्यु की ( इस पोस्ट को अवश्य पढे )
    SACCHAI
    AAWAZ

    अच्छा है अगर बंद हो जायेगा
    चैन आयेगा बबाल जायेगा !

    ReplyDelete
  9. समिधा बन गई पांचाली बेहतरीन काव्यात्मकता संपन्न हुई ......कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    शुक्रवार, 24 अगस्त 2012
    आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता
    "आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता "-डॉ .वागीश मेहता ,डी .लिट .,1218 ,शब्दालोक ,अर्बन एस्टेट ,गुडगाँव -122-001

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  10. "नद-नालों में नई जवानी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण)
    उच्चारण
    बहुत सुंदर दृश्यों के साथ
    कविता जैसे बोल रही है !

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  11. गौरैया के स्वर सुने, हृदय प्रफुल्लित होय |
    उच्च उच्चतर उच्चतम, प्रेरित हो सब कोय |
    प्रेरित कर सब कोय, सरल सा सीधा जीवन |
    रहे स्वयं में मगन, फुदकती द्वारे आँगन |
    पड़ी प्रदूषण मार, घटे है सोन चिरैया |
    हो दिल्ली चैतन्य, सुरक्षित हो गौरैया || जी हाँ चैतन्य भाई ! पक्षी पर्यावरण की नव्ज़ को ,टूटते पारितंत्र को ताड़ वहां से उड़ जातें हैं ,फिर लौट के वह नहीं आतें हैं ...नन्ने हाथ बड़ी मंजिल बड़ी बात ..कृपया यहाँ भी पधारें -
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle

    Reducing symptoms -correcting the cause.

    गर्दन में दर्द होने पर अमूमन आप दवाओं की शरण में चले आतें हैं लेतें हैं आप एस्पिरिन ,तरह तरह के अन्य दर्द नाशी ,विशेष पैन पिल्स ,इस दर्द के लक्षणों के शमन के लिए लेतें हैं आप मसल रिलेक्सर्स ,मालिश ,हॉट पेक्स .

    लेकिन गर्दन में दर्द की वजह न तो एस्पिरिन की कमी बनती और न अन्य दवाओं की .
    ram ram bhai
    शुक्रवार, 24 अगस्त 2012
    आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता
    "आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता "-डॉ .वागीश मेहता ,डी .लिट .,1218 ,शब्दालोक ,अर्बन एस्टेट ,गुडगाँव -122-001

    आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता

    राजनीतिक लफ्फाज़ फैला रहें हैं भ्रम ,

    कि आतंकवादी का नहीं होता कोई धर्म ,


    अभिप्राय : है यही और यही है संकेत ,

    कि आतंकवादी होता है धर्मनिरपेक्ष .

    धन्य है सरकार ,क्या खूब बहका रही है ,

    आतंकवाद का क्या ,धर्मनिरपेक्षता तो बढ़ा रही है .http://veerubhai1947.blogspot.com/

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  12. जानिए मां बनने का गणित To be a mother
    DR. ANWER JAMAL
    प्यारी माँ

    आप गणित कह रहे हैं
    मुझे कैमिस्ट्री लग रही है
    ऊपर वाले के काम की
    सब मिस्ट्री लग रही है !

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    Replies
    1. यह तो अत्यधिक सरल गणित है,
      सीधे अपनी ही माता से पूछें वो कैसे बनी माँ.....

      Delete

  13. 17
    रहिमन जिह्वा बावरी कहिगै सरग पाताल
    गगन शर्मा
    कुछ अलग सा

    नेता कुछ भी बोलता है
    बोलने से पहले कहाँ तोलता है
    सुनने वालों को आदत सी
    हो गयी है अब
    कौन इन बेवकूफों के आगे
    अपना मुँह खोलता है !

    ReplyDelete

  14. 12
    क्यूँ बने सती-सावित्री जब सत्यवान कहीं नहीं...
    Neha
    सोचा ना था....



    सत्यवान था राज-सुत, हुआ किन्तु कंगाल |
    एक वर्ष की जिन्दगी, होती मृत्यु अकाल |
    होती मृत्यु अकाल, कौन गुण भाया बेटी |
    पति ऐसा सुविचार, कहाँ से आया बेटी |
    जोश बड़ी है चीज, मगर जब व्यर्थ रोष हो |
    करे भला न खीज, चाहती क्यूँ सदोष हो ||

    सती स्वत: स्वाहा हुई, बड़ी जिंदगी टेढ़ |
    सावित्री कितनी यहाँ, चरा रही हैं भेड़ |
    चरा रही हैं भेड़, रहो आजाद हमेशा |
    लम्पट ढोंगी दुष्ट, चाहते हरदम ऐसा |
    एकल रहती नार, नहीं प्रतिबन्ध यहाँ है |
    अच्छे भले विचार, पालिए रोक कहाँ है ||

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  15. 16
    जनता डिनर
    Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."

    वो शौच में गिरे
    तो भी शहीद होते है
    तुम्हे ही केवल
    जीते हुवे ही
    मरना होता है ...

    क्या बात है
    कहाँ गिरा के
    इनको मारा है
    लेकिन बहुत
    ही सटीक
    जगह चुनी
    आपने
    जहाँ ला
    कर के
    मारा है !

    ReplyDelete
  16. अच्छी चर्चा |
    आशा

    ReplyDelete
  17. लड़की ! एक ऐसा कंप्यूटर ,जिसे ता -उम्र दिया जाए एक सोफ्ट वेयर,हेयर एंड देयर ,एवरी व्हेयर ...सही सवाल उठाए हैं आपने इस पोस्ट में लड़के लडकी की परवरिश में यह दोहरापन क्यों हैं -अरे लडका है इसे कौन सा पराए घर जाना है ....लडका है तो चढाओ सिर पर एक दिन काशी करवट दिलवा देगा ,छोड़ आयेगा कुम्भ के मेले में ...संभलो दोस्तों संभलो छोडो पुत्र विमोह वरण कर लो पुत्री का
    लड़की ! एक ऐसा कंप्यूटर ,जिसे ता -उम्र दिया जाए एक सोफ्ट वेयर,हेयर एंड देयर ,एवरी व्हेयर ...सही सवाल उठाए हैं आपने इस पोस्ट में लड़के लडकी की परवरिश में यह दोहरापन क्यों हैं -अरे लडका है इसे कौन सा पराए घर जाना है ....लडका है तो चढाओ सिर पर एक दिन काशी करवट दिलवा देगा ,छोड़ आयेगा कुम्भ के मेले में ...संभलो दोस्तों संभलो छोडो पुत्र विमोह वरण कर लो पुत्री का .
    12
    क्यूँ बने सती-सावित्री जब सत्यवान कहीं नहीं...
    Neha
    सोचा ना था.....कृपया यहाँ भी पधारें -
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle

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  18. 15
    सोशल मीडिया एक उम्मीद !
    Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."

    पत्रकारिता की लाश पर उग आई मीडिया नाम की फफूंद तो केवल आधुनिकता के विषाणु फैलाने का पूजीवादी साधन मात्र है , इसे गंभीरता से लेने की भूल कम से कम बुद्धिजीवी ना करे यही अपेक्षा है |

    बहुत खूब लिखते हैं भाई !

    ReplyDelete
  19. 11
    विडम्बना
    मनोज कुमार
    विचार

    छाता फाड़ के दीजियेगा ऎसे में अगली बार से !

    ReplyDelete
  20. फुट पाठ पर पड़े जो ,छाते का क्या करेंगे , 11
    विडम्बना
    मनोज कुमार
    विचार ....कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    बुधवार, 22 अगस्त 2012
    रीढ़ वाला आदमी कहलाइए बिना रीढ़ का नेशनल रोबोट नहीं .
    What Puts The Ache In Headache?

    ReplyDelete
  21. 5
    लकीरें हाथों की

    टिप्पणियां लौट के आ रही हैं
    उदय के ब्लाग पर ना जाने
    क्यों नहीं जाना चाह रही हैं !

    ReplyDelete
  22. रविकर जी की चर्चा भी अब चर्चा होने लगी है। बधाई का विषय है।
    कृपया स्‍वीकारें।

    इससे पता चलता है कि पोस्ट को लोग ग़ौर से पढ़ते हैं।

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  23. खुदा कुआं प्राचीन, आज खोदे हम खाईं-

    खोदने में एक्स्पर्ट
    एक दिन देखना
    बहुत हो जाओगे
    खाई खोदने के लिये
    सरकारी काम भी
    बस तुम ही पाओगे
    लगे रहो !

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  24. पहले कर घोटाले खूब ,फिर संसद के वैल में डूब ,ऊधम कर तू खूब हई खूब घोटाला + हंगामा = ????
    Cartoon, Hindi Cartoon, Indian Cartoon, Cartoon on Indian Politcs: BAMULAHIJA - ...कृपया यहाँ भी पधारें -
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle

    ReplyDelete
  25. 2
    पांचाली - समापन .
    प्रतिभा सक्सेना
    लालित्यम्
    बहुत सुंदर मन को बाँधे रखती हैं आपकी लेखनी !

    ReplyDelete
  26. चौखट पे खड़े सपनों ने कैसे जान लिया
    Rajesh Kumari

    बहुत सुंदर रचना !

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  27. "आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता "-डॉ .वागीश मेहता ,डी .लिट .,
    Virendra Kumar Sharma
    कबीरा खडा़ बाज़ार में

    वाह क्या बात है !

    ReplyDelete
  28. अजी जब ओखली में सिर दिया तो मूसल का क्या डर ..हमें क्या मौन सिंह असमिया समझा हैआपने
    20
    फेसबुकियो सावधान रहेना क्यु की ( इस पोस्ट को अवश्य पढे )
    SACCHAI
    AAWAZ

    ReplyDelete
  29. ड़ा॰ अमर कुमार को पहली पुण्यतिथि पर सादर नमन
    श्रद्धांजलि !

    ReplyDelete
  30. अरे भाई किसान का नाम लेकर कुछ भी कहो ,आम आदमी अल्पसंख्यक और किसान पर्यायवाची हैं अब बराबर का हक़ है इन्हें बर्बाद होने का बैनी भाई कोई बे -वकूफ थोड़ी हैं दिग्विजय के ताऊ हैं .17
    रहिमन जिह्वा बावरी कहिगै सरग पाताल
    गगन शर्मा
    कुछ अलग सा

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  31. बहुत सुंदर पंक्तियाँ रचीं हैं आपने चैतन्य की पोस्ट 'सदा फुदकती रहना गौरैया' पर .....आभार इतने सुंदर लिनक्स में उसे भी स्थान दिया ....

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  32. रविकर भाई आज तो बहुत सुन्दर बेहतरीन सूत्रों से सजाया है चर्चा मंच मेरी रचना को शामिल करने के लिए हार्दिक आभार

    ReplyDelete
  33. रविकर जी, बहुत रंगबिरंगी चर्चा है आज की, सुंदर लिंक्स, बहुत बहुत आभार !

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  34. बेहतरीन लिंक्स !

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  35. वाह बेहतरीन लिंक्स सुन्दर रंग बिरंगी चर्चा, मेरी रचना को स्थान देने हेतु आदरणीय रविकर सर का हार्दिक अभिनन्दन...

    ReplyDelete
  36. वढिया चर्चा
    अच्छे लिंक्स

    ReplyDelete
  37. बेहतरीन प्रस्‍तुति।

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  38. बेहतरीन लिंकों सजी चर्चा मंच के लिए बधाई,,,रविकर जी,,,,,

    ReplyDelete
  39. श्रेष्ठ चर्चा और चुनिन्दा लिंक्स एक से एक शानदार!! सुपाठ्य!!
    मेरी प्रविष्ठि को स्थान देने के लिए आभार!!

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  40. सुंदर सुसज्जित चर्चामंच...बढ़िया लिंक्स...हिन्दी हाइगा को स्थान देने के लिए आभार !!

    ReplyDelete
  41. चर्चा क्रमांक - 6

    चुकाता कोई लागत..,
    देश दृष्ट अतिथि सोई.....

    ReplyDelete
  42. टिप्पण-कर्ता का करूँ, अभिनन्दन आभार |
    चर्चा का होता नहीं, बिन टिप्पण उद्धार |
    बिन टिप्पण उद्धार, रार भी हो जाती है |
    लेकिन यह तकरार, सदा मुंह की खाती है |
    मिले पाठकों प्यार, आप ही कर्ता धर्ता |
    यह चर्चा संसार, बुलाता टिप्पण कर्ता ||

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

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